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    क्या वाकई गर्भावस्था के दौरान देर रात में सोना हो सकता है नुकसानदायक? डॉक्टर से जानें कब और कैसे सोने से मिलता है फायदा!

    गर्भधारण करना हर महिला का एक खूबसूरत सपना होता है और जब एक महिला गर्भधारण करती है, तो उसकी ख़ुशी तीसरे आसमान पर होती है। पर, इसके साथ-साथ इस दौरान उस को कई तरह के बदलावों से भी गुजरना पड़ता है, जिस में कि वह शारीरिक और मानसिक रूप से शामिल होती है। इस दौरान महिला काफी ज्यादा चिड़चिड़ी हो जाती है और यह शरीर में हो रहे हार्मोनल बदलावों की वजह से होता है। इस में किसी भी तरह का कोई शक नहीं है, कि गर्भावस्था के दौरान हर महिला को अपना एक विशेष तौर पर ख्याल रखना चाहिए और सभी गर्भवती महिला ऐसा ही करती है। वह इस दौरान अपने खान-पान, मानसिक स्थिति और दिनचर्या का पूरा ख्याल रखती हैं। 

    इसी के चलते इस दौरान गर्भवती महिलाओं को रात में समय पर सोना अति आवश्यक होता है। यह न केवल एक गर्भवती महिला के लिए जरूरी होता है, बल्कि यह गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, इस तरह की स्थिति में अगर आप देर रात में सोती हैं, तो इसका सीधा प्रभाव माँ और गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर पड़ता है। इसलिए, इस दौरान यह भी सच है, कि गर्भावस्था के दौरान देर रात में सोना मां और बच्चा, दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसलिए, गर्भवती महिलाओं को रात में समय पर सोना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, गर्भावस्था के दौरान समय पर सोने से आपको काफी ज्यादा सुकून मिल सकता है, आप इस दौरान रिलैक्स फील कर सकती हैं और इससे आप तनाव मुक्त भी हो सकती हैं। आम तौर पर, इससे जुड़ी किसी भी तरह की गंभीर समस्या होने पर या फिर नींद में कोई भी समस्या महसूस होने पर आपको तुरंत पाने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

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    गर्भावस्था के दौरान देर रात में सोने के नुकसान? 

    देर रात में सोने से नींद की कमी पूरी नहीं हो पाती है, जिससे कि एक गर्भवती महिला को कई तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ता है, इस में से कुछ निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि 

    1. देर रात में सोने से स्ट्रेस हार्मोन का बढ़ना। 

    2. प्रि-एक्लेम्पसिया का खतरा बढ़ जाना। 

    3. प्रेगनेंसी में देर रात में सोने से ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ना। 

    4. नींद की कमी से जेस्टेशनल डायबिटीज का खतरा बढ़ना। 

    5. सुबह थकान और सुस्ती महसूस होना। 

    6. चिड़चिड़ापन आना। 

    7. चिंता और तनाव का बढ़ना। 

    8. डिप्रेशन की संभावना काफी ज्यादा हो जाना। 

    9. डिलीवरी के दौरान कई तरह की जटिलताओं का बढ़ना। 

    गर्भावस्था के दौरान समय पर सोना क्यों जरूरी होता है? 

    इसमें किसी भी तरह का कोई शक नहीं है, कि गर्भावस्था के दौरान रात में समय पर सोना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। यह न केवल बच्चे के लिए, बल्कि माँ कि सेहत के लिए भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, हमारे शरीर में एक जैविक घड़ी होती है, जो दिन और रात के अनुसार ही काम करती है। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि रात में हमारा शरीर एक रिपेयर और हार्मोन संतुलन का काम करता है। यह प्रक्रिया गर्भावस्था के दौरान काफी ज्यादा जरूरी होती है, क्योंकि इस दौरान पेट में पल रहे बच्चे का विकास काफी तेजी से होता है। 

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    महिला के शरीर में मौजूद मेलाटोनिन हार्मोन जो नींद और भ्रूण के विकास से जुड़ा हुआ होता है, जिस का संतुलन देर रात में सोने से बिगड़ जाता है। अगर गर्भवती महिला रात में काफी देर से सोती है, तो इसकी वजह से उसका मूड, ऊर्जा और शारीरिक स्वास्थ्य पर काफी ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ता है .

    गर्भावस्था के दौरान कब सोना फायदेमंद होता है?

    दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि अक्सर गर्भवती महिलाओं का रात में 10 से 11 बजे तक के बीच में सोना काफी ज्यादा लाभदायक साबित होता है। आम तौर पर, आपको रोजाना ही इस निश्चित समय पर सो जाना चाहिए और सुबह जल्दी उठना चाहिए। यह आपके और आपके बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है। इस दौरान अपनी नींद को पूरा करने के लिए या फिर आराम करने के लिए आप दिन के समय 20 से 30 मिनट तक की एक छोटी सी झपकी ले सकती हैं। 

    गर्भावस्था के दौरान किस तरीके से सोना चाहिए?

    1. गर्भावस्था के दौरान आपको अक्सर बाईं करवट लेकर सोना चाहिए। इससे गर्भ में पल रहे बच्चों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन और पोषण प्राप्त होता है। 

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    2. इस दौरान आपको अपने घुटनों के बीच और पीठ के पीछे तकिया लगाकर सोना चाहिए, इससे आपको कमर में होने वाले दर्द से राहत मिलेगी 

    3. इस दौरान एक अच्छी और आरामदायक नींद प्राप्त करने के लिए मोबाइल, टीवी और लैपटॉप का इस्तेमाल करने से अपना बचाव करें। 

    निष्कर्ष: गर्भवती महिलाओं को इस दौरान कई तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ता है, जिसमें वह मानसिक और शारीरिक रूप से शामिल होती हैं। इसमें कोई शक नहीं है, कि गर्भवती महिआएं इस दौरान अपना काफी अच्छे से ख्याल रखती हैं, जिसमें अच्छा खानपान, मानसिक स्थिति और दिनचर्या का पूरा ध्यान रखना शामिल है। ऐसे में, रात को समय पर सोना भी माँ और बच्चे दोनों के लिए जरूरी होता है। अगर आप गर्भावस्था के दौरान देर रात में सोती हैं, तो यह सेहत के लिए ठीक नहीं होता है। इसलिए, रात को एक निश्चित समय पर सोना चाहिए। इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान बाईं करवट लेकर सोना महिलाओं के लिए फायदेमंद होता है। इस दौरान आपको रात के 10 से 11 बजे के बीच में सो जाना चाहिए। इस दौरान अगर कोई दिक्कत महसूस हो तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और गर्भावस्था से जूसी किसी भी समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही द गुड हेल्थ क्लिनिक फॉर वूमेन के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।