कई महिलाओं के लिए माँ बनना एक बहुत ही बड़ा और प्यारा सपना होता है। गर्भावस्था हर महिला के जीवन का सबसे खास दौर होता है। पर इस तरह की स्थिति के दौरान एक महिला के शरीर में कई ऐसे बदलाव होते हैं, जो कभी-कभी उसके लिए चिंता का कारण बन जाते हैं। आम तौर पर, उन्हीं में से एक चिंता का कारण, जो है, गर्भावस्था के दौरान एक महिला के पेशाब में खून आना। इस तरह की स्थित असल में, एक महिला के लिए बहुत ही डरा देने वाली हो सकती है, क्योंकि इस अवस्था में, पेशाब में खून आना, किसी गंभीर इंफेक्शन, किडनी स्टोन या हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकता है, जो माँ और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए ठीक नहीं होता है। आपको बता दें, कि गर्भवती महिला के शरीर में बढ़ते हार्मोन और बच्चेदानी के दबाव की वजह से मूत्रमार्ग पर काफी ज्यादा प्रभाव पड़ता है। इस तरह की स्थिति में अगर गर्भवती महिला को पेशाब में खून आने के साथ-साथ जलन, दर्द, बुखार या फिर बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है, तो इस दौरान तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण होता है। तो आइये इस लेख के माध्यम से डॉक्टर से गर्भावस्था के दौरान पेशाब से खून आने का कारण और इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।
गर्भावस्था के दौरान पेशाब में खून आने के कारण
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के पेशाब में खून आना हेमाट्यूरिया कहलाता है। इसके संभावित कारण इस प्रकार हैं, जैसे कि
1. गर्भावस्था में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी कि UTI होना एक आम बात होती है। इस दौरान, गर्भाशय के बढ़ने की वजह से मूत्राशय पर दबाव पड़ता है, जिसकी वजह से बैक्टीरिया आसानी से फैल जाता है। आमतौर पर, यह पेशाब में खून, जलन और दर्द की वजह बनता है।
2. शरीर में हार्मोनल बदलावों की वजह से किडनी स्टोन का उत्पादन होता है, जो आम तौर पर, पेशाब में खून आने का कारण बनते हैं।
3. इस दौरान मूत्राशय में इंफेक्शन होने की वजह से ब्लीडिंग हो सकती है।
4. कुछ स्थितियों में ब्लड प्रेशर बढ़ने की वजह से भी पेशाब में खून आने की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
5. इसके अलावा, कुछ महिलाओं में, गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल उतार-चढ़ाव की वजह से हल्का खून आना आम बात हो सकती है।
गर्भावस्था में पेशाब में खून आने का इलाज
1. अगर गर्भावस्था के दौरान पेशाब में खून आने का कारण UTI है, तो डॉक्टर इस तरह की स्थिति में गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित एंटीबायोटिक दवाओं को प्रदान करते हैं।
2. गर्भावस्था के दौरान, किडनी स्टोन के उपचार के लिए डॉक्टर की सलाह पर ही दवाओं का सेवन करना चाहिए।
3. इस दौरान अपने निजी अंगों की सफाई रखना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, ताकि बैक्टीरिया इंफेक्शन ज्यादा न फैला सके।
4. इस दौरान दिन में पर्याप्त पानी पीने से पेशाब साफ़ हो जाता है और साथ में इंफेक्शन की संभावना भी कम होती है।
5. गर्भावस्था के दौरान, कॉफी और मसालेदार भोजन से अपना बचाव करना बहुत ज्यादा जरूरी होता है, क्योंकि इस तरह के भोजन मूत्राशय को उत्तेजित करते हैं, जिसकी वजह से दर्द और जलन जैसी समस्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है।
निष्कर्ष:
एक महिला गर्भावस्था के दौरान कई तरह की समस्याओं का सामना करती है, जिसकी वजह से उसके शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं और इन बदलावों कि वजह से उसको पेशाब में खून आना जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। असल में, यह समस्या गर्भावस्था के दौरान डरा देने वाली हो सकती है। इस अवस्था में, पेशाब में खून आना, किसी गंभीर इंफेक्शन, किडनी स्टोन या हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के पेशाब में खून आना हेमाट्यूरिया कहलाता है। इसमें पेशाब गुलाबी, लाल या फिर भूरे रंग का दिखाई दे सकता है। महिला को यह समस्या कई कारणों की वजह से हो सकती है, जैसे UTI, हार्मोनल बदलाव और मूत्राशय में इंफेक्शन आदि। गर्भावस्था के दौरान अगर आपको भी इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, तो इसको बिलुकल भी नज़र अंदाज़ नहीं करना चाहिए, आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर आपको भी इस तरह कोई समस्या है और आप इस का इलाज करवाना चाहती है, तो आप आज ही गुड हेल्थ क्लिनिक फॉर वीमेन में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकती हैं और इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।