गर्भावस्था के दौरान न केवल एक माँ का स्वस्थ रहना महत्वपूर्ण होता है, बल्कि गर्भ में पल रहे बच्चे का सेहतमंद रहना भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए एक गर्भवती महिला को अपनी और अपने बच्चे की अच्छे से देखभाल करने और इस इस दौरान हर छोटी से छोटी चीज का बेहतर तरीके से ख्याल रखने की काफी ज्यादा जरूरत होती है। इस दौरान महिलाओं को न केवल मानसिक रूप से बल्कि शारीरिक रूप से भी कई तरह के बदलावों का सामना करना पड़ता है। इसी कारण से महिलाओं की नींद में गड़बड़ी होना बेहद आम हो जाता है। गर्भावस्था का समय आगे बढ़ने पर महिलाओं को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसमें पीठ दर्द होना, बार-बार पेशाब लगना और आरामदायक स्थिति न मिल पाना जैसी स्थितियां शामिल हो सकती हैं। इससे सबसे ज्यादा एक महिला की नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसके कारण गर्भवती महिला को अच्छे से नींद नहीं आती है और वो अक्सर तनाव में ही घिरी रहती है। जिसके कारण वह चिड़चिड़ी और उनके मूड में बदलाव होने लग जाते हैं। गर्भावस्था के दौरान माँ और बच्चे दोनों की सेहत के लिए एक अच्छी नींद और पर्याप्त आराम करना बहुत जरूरी होता है। गर्भावस्था में सही नींद लेने के लिए आप गहरी सांस लेना, स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल न करना, सोने का सही समय तय करना, स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल न करना, तकिये का सही इस्तेमाल करना, अपनी बाईं ओर करवट लेके सोना जैसे कई टिप्स को फॉलो कर सकते हैं। आइये इसके बारे में और जानते हैं।
गर्भावस्था के दौरान एक अच्छी नींद लेने के टिप्स!
गर्भावस्था के दौरान एक अच्छी और गहरी नींद लेने के लिए आप निम्नलिखित टिप्स को अपना सकते हैं, जैसे
1. बाईं ओर करवट लेकर सोना
गर्भावस्था के दौरान, अगर महिला बाईं ओर करवट लेकर सोती है, तो यह न केवल उस के लिए बल्कि बच्चे की सेहत के लिए भी काफी लाभदायक साबित होता है। इससे प्लेसेंट यानी कि गर्भनाल में खून का प्रवाह काफी ज्यादा बेहतर हो जाता है।
इस तरीके से सोने से न केवल बच्चे तक खून का बहाव बढ़ता है, बल्कि इससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई भी ठीक तरीके से होती है। बाईं ओर करवट लेकर सोने से लिवर पर पड़ने वाला दबाव कम होता है और किडनी के काम करने की क्षमता भी बेहतर हो जाती है।
2. सोने का सही समय तय करना
गर्भावस्था के दौरान, एक अच्छी और गहरी नींद लेना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, इसलिए इस दौरान सोने और जागने का समय निश्चित करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। ऐसे में, हर दिन उसी समय पर सोना और उसी समय पर उठना न केवल सेहत के लिए बल्कि बच्चे की सेहत के लिए भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में, हर गर्भवती महिला के लिए रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लेना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। इसके लिए आप रात को लगभग 10 से 11 बजे तक के बीच में सो जाएं और लगभग सुबह 6 से 7 बजे तक के बीच में उठ जाएं। इससे न केवल आपको एक अच्छी नींद प्राप्त होगी, बल्कि तनाव और थकान भी दूर हो जाएगी।
निष्कर्ष: गर्भावस्था के दौरान महिला को अपना और अपने बच्चे का विशेष ध्यान रखने की काफी ज्यादा जरूरत होती है। इस दौरान सोने से लेकर खाने-पीने तक की सभी चीजों का विशेष ध्यान रखने की काफी ज्यादा जरूरत होती है। इस दौरान बरती जाने वाली लापरवाही महिला की सेहत और गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकती है। इसलिए, इस दौरान ज्यादा सतर्क रहना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। जैसे, कि इस दौरान एक अच्छी डाइट पर ध्यान देने की काफी ज्यादा जरूरत होती है, उसी तरह इस दौरान एक अच्छी और पूरी नींद लेने पर भी महत्वपूर्ण ध्यान देने की काफी जरूरत होती है। ऐसे में, एक अच्छी और सही नींद प्राप्त करने के लिए आप गहरी सांस लेना, स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल न करना, सोने का सही समय तय करना, स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल न करना, तकिये का सही इस्तेमाल करना, अपनी बाईं ओर करवट लेके सोना जैसे कई टिप्स को फॉलो कर सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लेना बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में, आप मेडिटेशन का अभ्यास कर अपने आप को रिलैक्स फील करवा सकती हैं। इसके बारे में, ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और गर्भावस्था के दौरान होने वाले किसी भी गंभीर समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही द गुड हेल्थ क्लिनिक फॉर वूमेन के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!
प्रश्न 1. क्या गर्भावस्था के दौरान महिला के लिए ज्यादा सोना फलदायक होता है?
गर्भावस्था के दौरान महिला के लिए ज्यादा सोना या फिर दिन भर बिस्तर पर लेटे रहना सेहत और बच्चे दोनों के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसके कारण महिला को कब्ज और दिनभर सुस्ती बनी रहने जैसी समस्या हो सकती है। इस दौरान, केवल 7 से 9 घंटे की नींद लेना माँ और बच्चे दोनों की सेहत के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
प्रश्न 2. क्या गर्भावस्था के दौरान महिला को कब्ज और सुस्ती होना आम बात है?
दरअसल, हाँ गर्भावस्था के दौरान कब्ज और सुस्ती जैसी समस्या होना एक आम बात हो सकती है, जो विशेष तौर पर , शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों की वजह से हो सकती है। इसके अलावा, बढ़ते गर्भाशय के कारण भी इस समस्या का तेजी से निर्माण हो सकता है।
प्रश्न 3. क्या गर्भावस्था की पहली और तीसरी तिमाही में 10 से 12 की नींद लेना एक महिला के लिए सामान्य होता है?
दरअसल, हाँ गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण और इस दौरान शरीर के थकने के कारण गर्भावस्था की पहली और तीसरी तिमाही में 10 से 12 घंटे की नींद लेना एक आम बात हो सकती है।