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    गर्भवती महिलाओं को 400+AQI में भूलकर भी कौन से काम नहीं करने चाहिए? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

    आज शहर-शहर में फैक्ट्रियां होने की वजह से प्रदूषण की रफ़्तार भी काफी तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि ज्यादातर फैक्टरियों में से निकलने वाला धुंआ साफ़ हवा को भी काफी ज्यादा दूषित कर देता है। इसलिए, आज हर शहर में प्रदूषण की मात्रा काफी ज्यादा देखी जा सकती है। लगातार बढ़ता हुआ प्रदूषण न केवल सेहत के लिए हानिकारक होता है, बल्कि यह त्वचा, आंखों और बालों के लिए भी काफी ज्यादा नुक्सान दायक साबित होता है। इसके अलावा, सभी शहरों में से दिल्ली एक प्रमुख शहर है, जहां पर प्रदूषण की मात्रा काफी ज्यादा देखी जा सकती है। यहां पर लगातार बढ़ता हुआ प्रदूषण लोगों की जिंदगी को और भी ज्यादा खतरे में डाल रहा है। इस तरह की स्थिति में लोगों का सांस लेना भी काफी ज्यादा मुश्किल हो जाता है। 

    आम तौर पर, हमारे आस पास की हवा में मौजूद प्रदूषण आम लोगों के लिए तो हानिकारक होता ही है, पर यह आम लोगों से ज्यादा गर्भवती महिलाओं के लिए काफी ज्यादा खतरनाक साबित होता है। दरअसल, लोगों की सेहत के साथ- साथ यह गर्भवती महिलाओं के लिए भी काफी ज्यादा नुकसानदायक होता है। आम तौर पर, प्रदूषित हवा अक्सर एक गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। क्योंकि प्रदूषित हवा में निकलने की वजह से गर्भवती महिला को सांस लेने में काफी ज्यादा दिक्कत महसूस हो सकती है, जो उसकी सेहत के साथ साथ बच्चे की सेहत पर भी असर डाल सकती है। इसलिए, प्रदूषण जैसी स्थिति में ज्यादातर गर्भवती महिलाओं को घर पर ही रहना चाहिए और अपनी और अपने बच्चे की अच्छे तरीके से देखभाल करनी चाहिए। 

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    दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि प्रदूषित हवा में पाए जाने वाले हानिकारक कण जैसे कि धुआं, जहरीली गैसें और सूक्ष्म कण जो न केवल एक आम व्यक्ति की सेहत को बुरी तरीके से प्रभावित करते हैं, बल्कि यह एक गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास में भी काफी ज्यादा रुकावट पैदा कर देते हैं। तो आज के बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए, ऐसे कई काम हैं, जो इस दौरान महिलाओं को बिल्कुल भी नहीं करने चाहिए। दरअसल, प्रदूषण जैसी स्थिति में गर्भवती महिलाओं को काफी ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। क्योंकि, इस तरह की स्थिति में सवाल केवल उनकी सुरक्षा का ही नहीं होता है, बल्कि उनके गर्भ में पल रहे एक छोटे से बच्चे की सुरक्षा का भी सवाल होता है। प्रदूषण जैसी स्थिति के दौरान, गर्भवती महिलाओं को भूलकर भी ज्यादा समय तक घर के बाहर घूमना, बिना N95 या फिर अच्छे क्वालिटी के मास्क के बाहर जाना, वायु प्रदूषित इलाकों में जाना और इस दौरान किसी भी तरह की कोई भी समस्या होने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क न करना जैसे कामों को बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। इस दौरान किसी भी तरह की समस्या होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं .

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    गर्भावस्था के दौरान वायु प्रदूषण इतना ज्यादा खतरनाक क्यों होता है?

    दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि ज्यादातर प्रदूषित वायु में कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और बारीक धूल के कण पाए जाते हैं, जो गर्भवती महिलाओं के सांस लेने पर शरीर में चले जाते हैं और गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत को बुरी तरीके से प्रभावित कर देते हैं। 

    वायु प्रदूषण के दौरान गर्भवती महिलाओं को क्या नहीं करना चाहिए?

    वायु प्रदूषण के दौरान ऐसे बहुत से काम होते हैं, जो गर्भवती महिलाओं को बिल्कुल भी नहीं करने चाहिए। जिसमें से कुछ निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि 

    1. वायु प्रदूषण जैसी स्थिति के दौरान अगर गर्भवती महिलाएं ज्यादा वक्त तक बाहर रहती हैं, तो इस दौरान सांस लेने पर प्रदूषण के छोटे कण सीधे उनके फेफड़ों में जाते हैं, जिससे उनके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा काफी ज्यादा कम हो जाती है। इससे बच्चे की सेहत पर काफी ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ता है, क्योंकि इस दौरान बच्चे तक

    पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है, जिससे गर्भपात होने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। 

    2. इस दौरान, ज्यादातर गर्भवती महिलाओं को कहीं पर भी बाहर जाते वक्त N95 या फिर किसी अच्छी क्वालिटी के मास्क को लगाना नहीं भूलना चाहिए। क्योंकि ऐसा न करने पर बच्चे का विकास रुक सकता है और बच्चे की जान को खतरा भी हो सकता है। 

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    3. आम तौर पर, इस दौरान गर्भवती महिलाओं को वायु प्रदूषित इलाकों जैसे ट्रैफिक जाम, कंस्ट्रक्शन साइट,फैक्ट्री, इंडस्ट्रियल एरिया या फिर कूड़ा जलाने वाली जगहों पर बिल्कुल भी नहीं जाना चाहिए। क्योंकि, इससे गर्भ में पल रहे बच्चे के अंग प्रभावित हो सकते हैं। 

    4. दरअसल, इस दौरान, ज्यादातर महिलाएं बाहर का प्रदूषण रोकने के लिए अपने घर को पूरी तरीके से बंद कर देती हैं, जो उनकी और उनके बच्चे की सेहत के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं होता है। क्योंकि, इस दौरान अगर गर्भवती महिआएं एयरटाइट घर में रहती हैं, तो इससे उन्हें घबराहट, लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्या हो सकती है। जो कि बच्चे के विकास को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, कोई भी स्थिति गंभीर होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

    निष्कर्ष : वायु प्रदूषण के दौरान गर्भवती महिलाओं को अपना और अपने बच्चे का विशेष ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि, प्रदूषित हवा में मौजूद हानिकारक कण मां और बच्चे को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए, गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को इस लेख में बताए गए कामों को बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा सतर्क रहना चाहिए। कोई भी समस्या होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए और गर्भावस्था के दौरान होने वाली किसी भी समस्या का समाधान पाने के लिये आप आज ही द गुड हेल्थ क्लिनिक फॉर वूमेन में जाकर इसके विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।