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    Period Bleeding Discomfort

    आखिर हार्मोन इंबैलेंस के वो कौन से लक्षण हैं, जिन को अक्सर महिलाएं कर देती हैं, नजरअंदाज? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

    दरअसल, आज के समय में महिलाएं और पुरुष दोनों ही स्वास्थ्य से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। आम तौर पर, आज के समय में सेहत से जुड़ी समस्याओं के सबसे बड़े और मुख्य कारणों में शामिल है, भागदौड़ भरी जिंदगी। आज ज्यादातर लोग सेहत से जुड़ी समस्याओं से इसलिए परेशान हैं, क्योंकि काम और जिम्मेदारियों के चलते उनको अपने लिए बिल्कुल भी वक्त नहीं मिलता है, जिसकी वजह से उनको न चाहकर भी सेहत से जुड़ी उन तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण उन की पूरी जीवनशैली बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती है। इसके अलावा,शरीर से जुड़ी इन समस्याओं के कारण उनके रोजाना के काम भी बुरी तरीके से प्रभावित हो जाते हैं, जिसके कारण उनका स्वास्थ्य और भी ज्यादा बिगड़ जाता है और वह चिड़चिड़े स्वभाव के हो जाते हैं। असल में, ऐसे लोगों को आराम की सख्त जरूरत होती है और नियमित जांच की भी काफी जरूरत होती है। 

    आम तौर पर, हम में ज्यादातर लोग समय न होने के कारण बीमार हो जाते हैं, इस गिनती में विशेष तौर पर महिलाएं शामिल हैं। दरअसल, महिलाएं जो रोजाना सुबह से लेकर सोने के समय तक किसी न किसी काम में व्यस्त ही रहती हैं। ऐसे में, वो अपने ऑफिस के काम, घर परिवार, बच्चे और अपने शौक सभी को एक साथ लेकर चलती हैं, जिसकी वजह से वह अपने लिए बिल्कुल भी वक्त नहीं निकाल पाती हैं। इसी के चलते यह कहना बिल्कुल ठीक होगा, कि महिलाओं की जिंदगी भी काफी ज्यादा भागदौड़ से भरी होती है, जिसके कारण वह कई बार बीमार भी हो जाती हैं, पर समस्या का पता न चलने के कारण वह उसको नजरंअदाज कर देती हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी, कि ज्यादातर महिलाएं घर और बाहर की जिम्मेदारियों के चलते अक्सर अपने शरीर में नजर आने वाले छोटे-छोटे संकेतों को आम समझ बैठती हैं और अनदेखा कर देती हैं। पर कई बार कुछ संकेत आम नहीं होते, यह आम नजर आने वाले संकेत आगे चलकर गंभीर हार्मोनल समस्याओं का कारण बनते हैं, जिसमें पीसीओएस, थायराइड और इन्फर्टिलिटी जैसी गंभीर समस्याएं शामिल हो सकती हैं। 

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    आम तौर पर, कई अध्ययनों से यह साबित हुआ है, कि हार्मोन शरीर के हर सिस्टम को कंट्रोल में रखने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है, इसमें मेटाबॉलिज्म, मूड, प्रजनन और नींद शामिल हो सकती है। इसी के चलते अगर शरीर में हार्मोन का संतुलन हल्का सा भी खराब होता है, तो इससे महिला को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में, महिलाएं जानना चाहती हैं, कि आखिर हार्मोन इंबैलेंस के वो कौन से लक्षण हैं, जिन को अक्सर हम सभी महिलाएं नजरअंदाज कर देती हैं? डॉक्टर के अनुसार, ज्यादातर महिलाएं हार्मोन इंबैलेंस के कई लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं, जिसके कारण उनको कई गभीर समस्यायों का सामना करना पड़ता है, इसमें अनियमित पीरियड्स, मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन होना, बिना वजह वजन बढ़ना या घटना, लगातार थकान होना और नींद की समस्या होना जैसे कई लक्षण शामिल हो सकते हैं। अगर आप इन से जुड़ी गंभीर समस्याओं से अपना बचाव करना चाहती हैं, तो इस तरह के संकेत मिलते ही आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में और जानते हैं। 

    1. अनियमित पीरियड्स की समस्या होना 

    दरअसल, हम में ज्यादातर महिलाएं तो अनियमित पीरियड्स की समस्या से परेशान होती है। यह आज समस्या सभी महिलाओं में काफी आम हो गयी है। पर, ज्यादातर महिलाएं इस समस्या को आम समझ लेती हैं और ऐसे ही जाने देती हैं। पर, आपको इसके बारे में जानकारी होना बेहद महत्वपूर्ण है, कि पीरियड्स का बिल्कुल भी समय पर न आना, काफी मात्रा में या फिर काफी कम मात्रा में खून बहना, यह केवल स्ट्रेस जैसी समस्या का ही संकेत नहीं होता, बल्कि यह शरीर में हो रहे हार्मोनल असंतुलन का एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। हार्मोनल इम्बैलेंस एंड इट्स कॉजेज इन यंग फीमेल्स के अनुसार लगभग 15 से 40 साल की महिलाएं 55 प्रतिशत अनियमित पीरियड्स की समस्या से पीड़ित हैं, जो हार्मोनल असंतुलन की समस्या से जुड़ी हुई है। महिलाएं, अक्सर ही इस समस्या को लाइफस्टाइल में गड़बड़ी या फिर एक थकान समझ कर नजरंअदाक कर देती हैं और पूरा-पूरा ध्यान नहीं देती हैं। ऐसे में, यह पीसीओएस या थायराइड की समस्या का संकेत हो सकता है। इसलिए, इस दौरान इस संकेत को आम समझना आपकी सबसे बड़ी भूल हो सकती है। 

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    निष्कर्ष: महिलाओं को अपनी जिंदगी में ऐसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिससे कि वो कभी मिली भी नहीं होती हैं, मतलब कि उस समस्या से बिल्कुल अनजान होती हैं। दरअसल, महिलाओं को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने की काफी ज्यादा जरूरत होती है, क्योंकि ऐसी कई तरह की समस्याएं हैं, जो बिना लक्षणों के भी सामने आ जाती हैं। महिलाओं की सेहत से जुड़ी कुछ समस्याएं इस तरह की होती हैं, जिनको शुरुआत में अक्सर आम समझ कर नजरअंदाज कर दिया जाता है और फिर बाद में यह समस्याएं गंभीर रूप लेकर बाहर आती हैं। इन्हीं समस्याओं में से एक है हार्मोन इंबैलेंस। दरअसल, कई बार महिलाओं द्वारा इस समस्या के जैसे अनियमित पीरियड्स, मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन होना, बिना वजह वजन बढ़ना या घटना, लगातार थकान होना और नींद की समस्या होना जैसे कई लक्षणों को आम समझ कर नजरअंदाज कर दिया जाता है। पर यह आम नजर आने वाले संकेत आगे चलकर गंभीर हार्मोनल समस्याओं का कारण बनते हैं, जिसमें पीसीओएस, थायराइड और इन्फर्टिलिटी जैसी समस्या शामिल होती है। अगर आप इन गंभीर समस्याओं से अपना बचाव करना चाहती हैं, तो शरीर में नजर आने वाले हर छोटे से छोटे संकेत पर ध्यान देना अति आवश्यक होता है और इसके साथ ही शरीर में किसी भी तरह की समस्या का अहसास होते ही आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए, ताकि समस्या का समय पर समाधान किया जा सके। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और हार्मोन इंबैलेंस से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही द गुड हेल्थ क्लिनिक फॉर वूमेन में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

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    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!

    प्रश्न 1. किन महिलाओं में पीसीओडी की समस्या अधिक देखी जाती है? 

    दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि विशेष तौर पर पीसीओडी की समस्या 15 से 35 साल की महिलाओं में काफी ज्यादा देखने को मिलती है। आम तौर पर, जिन महिलाओं का लाइफस्टाइल काफी ज्यादा खराब होता है, जो शारीरिक रूप से एक्टिव नहीं होती हैं, या फिर जिन महिलाओं के परिवार में इस समस्या का इतिहास होता है, दरअसल यह समस्या उन महिलाओं में काफी ज्यादा प्रभावित करती है।

    प्रश्न 2. पीसीओएस के क्या लक्षण हो सकते हैं? 

    आम तौर पर, पीसीओएस जिसे पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम कहा जाता है। दरअसल, यह हार्मोनल असंतुलन के कारण होने वाली एक आम समस्या है, जो ज्यादातर महिलाओं को प्रभावित करती है। अनियमित पीरियड्स, तेजी से वजन का बढ़ना, चेहरे और शरीर पर अनचाहे बालों का उगना, चेहरे पर गंभीर मुँहासे आना, बालों का लगातार झड़ना और गर्भधारण करने में काफी ज्यादा परेशानी का सामना करना जैसे इसके मुख्य लक्षणों में शामिल हो सकते हैं।