दरअसल, ज्यादातर महिलाएं अक्सर ऐसी समस्याओं को छुपा लेती हैं, जो उनकी वजाइना से जुड़ी होती हैं। क्योंकि हम में से ज्यादातर महिलाएं इस विशेष पर बात करने में काफी ज्यादा शर्म महसूस करती हैं। पर, अगर वजाइना से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या को आप लगातार छुपाती हैं, या फिर उसको नज़रअंदाज कर किसी को भी नहीं बताती हैं, तो यह समस्याएं आगे चलकर आप के लिए काफी ज्यादा खतरनाक और गंभीर रूप ले सकती हैं। दरअसल, आप की जानकारी के लिए आप को बता दें, कि आप को वजाइना से जुड़ी कई तरह कि समस्यायों का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें यीस्ट इन्फेक्शन और बैक्टीरियल वेजिनोसिस जैसी समस्यायों का होना शामिल हो सकता है। अगर इन समस्याओं का इलाज समय पर नहीं किया जाता है, तो यह आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। इसलिए, इन पर महत्वपूर्ण ध्यान देना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है।
दरअसल, बहुत सी महिलाएं इन समस्याओं को लेकर दुविधा में फंसी रहती हैं और उनको इन दोनों के बीच किसी भी तरह का कोई भी फर्क नज़र नहीं आता है। ऐसे में ज्यादातर महिलाएं इसी सवाल को जानना चाहती हैं, कि आखिर यीस्ट इंफेक्शन और बैक्टीरियल वेजिनोसिस के बीच क्या अंतर होता है? दरअसल, यीस्ट इंफेक्शन एक बैक्टीरियल इन्फेक्शन है, जो वजाइना के साथ -साथ शरीर के दूसरे हिस्सों जैसे त्वचा, मुंह और ग्रासनली को भी प्रभावित करती है और वहीं, बैक्टीरियल वेजिनोसिस केवल वजाइना पर ही अपना प्रभाव डालती है। यीस्ट इन्फेक्शन का निर्माण एक कैंडिडा नाम के फंगस के कारण होता है, जो आम से लेकर काफी ज्यादा गंभीर हो सकता है। इसके अलावा, यीस्ट इन्फेक्शन का इलाज स्थिति की गंभीरता के आधार पर किया जा सकता है। इसके साथ ही, बैक्टीरियल वेजिनोसिस एक आम वजाइनल इंफेक्शन की तरह होती है, जो आम तौर पर, वजाइना में रहने वाले कुछ आम बैक्टीरिया के जरूरत से ज्यादा बढ़ने पर होती है। इस समस्या से पीड़ित महिलाओं को सफेद या फिर भूरे रंग का वेजाइनल डिस्चार्ज हो सकता है, जिसमें से काफी ज्यादा गंदी बदबू आती है। इस समस्या का इलाज एंटीबायोटिक की सहायता से आसानी से हो सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
यीस्ट इन्फेक्शन किन कारणों से हो सकती है?
दरअसल, एक कैंडिडा नाम के फंगस की वजह से यीस्ट इन्फेक्शन का निर्माण होता है। आम तौर पर, वजाइना में थोड़ी मात्रा में कैंडिडा होना एक आम बात होती है, पर जब ये अच्छे बैक्टीरिया काफी ज़्यादा बढ़ जाते हैं, तो यीस्ट इन्फेक्शन का खतरा भी काफी ज्यादा बना रहता है। वजाइना में इस तरह की
इन्फेक्शन के बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, इसमें से कुछ निम्नलिखत अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि
1. गीले शरीर पर ही कपड़ों को पहन लेना।
2. डायबिटीज जैसी समस्या का होना।
3. बहुत ज्यादा तनाव में रहना और नींद की गड़बड़ी होना।
4. इस दौरान, ड्यूज या फिर वजाइनल स्प्रे का काफी ज्यादा इस्तेमाल करना।
5. ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं और प्रेगनेंसी में इसका खतरा काफी ज्यादा होता है।
बैक्टीरियल वेजिनोसिस किन कारणों से होती है?
आम तौर पर, बैक्टीरियल वेजिनोसिस जैसी समस्या के बहुत से कारण हो सकते हैं, जिसमें से कुछ निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि
1. वजाइना में खराब बैक्टीरिया का बहुत ज़्यादा बढ़ जाना।
2. सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन का होना।
3. बहुत से सेक्सुअल पार्टनर का होना।
4. वजाइना में पाए जाने वाले आम बैक्टीरिया की मात्रा में काफी ज्यादा बढ़ोतरी होना।
निष्कर्ष: दरअसल, इस लेख के माध्यम से हमने आपको यीस्ट इंफेक्शन और बैक्टीरियल वेजिनोसिस के बीच के अंतर के बारे में बताया है, जिसमें यीस्ट इंफेक्शन न केवल वजाइना को, बल्कि शरीर के दूसरे हिस्सों जैसे त्वचा, मुंह और ग्रासनली को भी प्रभावित करती है। इनका समय पर इलाज होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इस तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर इस बात का विशेष ध्यान रखें कि अगर आपको वजाइना से जुड़ी किसी तरह की कोई भी समस्या होती है, तो उसका तुरंत इलाज करवाएं। समस्या को नज़रअंदाज या फिर छुपाने से अच्छा है, कि आप एक बार अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। वजाइना से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या को अनदेखा न करें। अगर आप अपनी समस्या को नजरअंदाज करते हैं, तो इससे स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है। तो समस्या की गंभीरता से बचने के लिए अच्छा है, कि आप इसका इलाज समय पर कराएं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और वजाइना से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही द गुड हेल्थ क्लिनिक फॉर वूमेन में जाकर आपकी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।