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    आखिर पीरियड डेट मिस होने पर आपको कब करना चाहिए अपना प्रेगनेंसी टेस्ट? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

    माता-पिता बनना हर किसी का सपना होता है। इस तरह की स्थिति में हर कोई सोचता है, कि वह अपने प्यारे से और नन्हे से बच्चे का साथ खेलें और उसको बड़ा होते हुए देखें। इस तरह की स्थिति में उनकी खुशी कई आसमानों पार होती है। ऐसे में, कपल एक खुशियों से भरी खबर पाने के लिए काफी ज्यादा इंतज़ार करते हैं। दरअसल, जब किसी महिला के पीरियड मिस हो जाते हैं, तो कपल खुशियों से झूमने लग जाता है और इस तरह की स्थिति में अक्सर ही महिलाएं जल्दबाजी में प्रेगनेंसी टेस्ट कर लेती हैं, जबकि इस तरह की स्थिति में पीरियड डेट मिस होने के तुरंत बाद कभी भी प्रेगनेंसी टेस्ट नहीं करना चाहिए, ऐसा करने से आपको गलतफहमी भी हो सकती है। क्योंकि, जब महिलाएं पीरियड डेट मिस होने के तुरंत बाद ही प्रेगनेंसी टेस्ट कर लेती हैं, तो इससे प्रेगनेंसी रिजल्ट नेगेटिव आ सकता है और आप निराश और चिंता में जा सकते हैं। 

    दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि जब महिलाएं पीरियड डेट मिस होने के तुरंत बाद अपना प्रेगनेंसी टेस्ट करती हैं, तो इसके नेगेटिव आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। जिसमें से एक है, कि इसके शुरुआत के दिनों में महिला के शरीर में एच सी जी हार्मोन का स्तर कम होता है। इसकी वजह से इस दौरान प्रेगनेंसी की सटीक जानकारी नहीं मिल पाती है। आम तौर पर, ऐसे में अगर आप प्रेगनेंसी के बारे में सही और सटीक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको सही समय पर और सही तरीके से टेस्ट करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में, बहुत सी महिलाएं इसके बारे में जानना चाहती हैं, कि आखिर पीरियड डेट मिस होने के बाद किस समय अपना प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए? 

    दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि इन दिनों आपको काफी सावधानी बरतने की जरुरत होती है। दरअसल, ऐसे में आपको पीरियड डेट मिस होने के 6 से 7 दिन बाद अपना प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए, ताकि किसी भी स्थिति का रिजल्ट अच्छे तरीके से आ सके। दरअसल, अगर आपने किसी भी वक्त अपने पार्टनर के साथ शारीरिक संबंध बनाया है और उसके बाद आपके पीरियड मिस हो गए हैं, तो ऐसे में

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    पीरियड मिस होने के कम से कम 7 दिन तक आपको इंतजार करना चाहिए और फिर आपको अपना प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए, जो इस तरह की स्थिति में काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इस तरह की स्थिति में, ऐसा करने के लिए इसलिए बोला जाता है, क्योंकि इस समय तक एक महिला के शरीर में एच सी जी हार्मोन का स्तर काफी ज्यादा बढ़ जाता है। जिससे प्रेगनेंसी का पता अच्छे तरीके से चल जाता है। इस हार्मोन के कारण ही इन दिनों प्रेगनेंसी टेस्ट का सटीक रिजल्ट आने की संभावना काफी जयादा बढ़ जाती है। 

    ऐसे में, आप अपने घर पर ही बैठकर अपना प्रेगनेंसी टेस्ट कर सकते हैं। ऐसे में, अगर आपकी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो आपको बिना देरी किए अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ऐसे में, डॉक्टर आपकी दुबारा से जांच कर सकते हैं। अगर डॉक्टर की जांच के बाद भी आपका रिजल्ट पॉजिटिव आता है, तो ऐसे में महिला को अपना विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है और ऐसे में महिला को नियमित डॉक्टर से अपनी जांच के लिए जाना चाहिए। इस तरह की स्थिति में, डॉक्टर महिला को अपनी रोजाना की डाइट में आयरन, फोलिक एसिड और कैल्शियम आदि जैसे सप्लीमेंट्स को शामिल करने की सलाह प्रदान कर सकते हैं। ऐसे में, गंभीर समस्या होने पर आप अपने डॉक्टर से मिल सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

    प्रेगनेंसी के शुरुआती लक्षण क्या हो सकते हैं? 

    इस तरह की स्थिति में अगर आपके पीरियड मिस हो गए हैं और साथ ही में आपको निम्नलिखित लक्षणों का अहसास हो रहा है, तो आप गर्भवती हो सकती हैं, इसमें शामिल हो सकते हैं, जैसे 

    1. काफी ज्यादा थकान और शरीर में कमजोरी महसूस होना। 

    2. मतली या फिर उल्टी आना। 

    3. बार -बार पेशाब करने की इच्छा होना। 

    4. स्तनों में दर्द होना और काफी ज्यादा भारीपन महसूस होना। 

    निष्कर्ष: माता-पिता बनना हर किसी का सपना होता है और जब यह पूरा होता है, तो माता-पिता की खुशी एक अलग ही लेवल पर होती है। इस तरह की स्थिति में, एक गर्भवती महिला को अपना विशेष ध्यान रखने की काफी ज्यादा जरूरत होती है। दरअसल, जब कोई पार्टनर शारीरिक संबंध बनाए और इसके बाद महिला के पीरियड मिस हो जाये, तो ऐसे में उनको तुरंत बाद अपना प्रेगनेंसी टेस्ट नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे रिपोर्ट नेगेटिव आ सकती है, क्योंकि इस दौरान एक महिला के शरीर में एच सी जी हार्मोन का स्तर काफी कम होता है, जिससे आपको इस दौरान गलतफहमी का शिकार होना पड़ सकता है। दरअसल ऐसे में आपको पीरियड मिस होने के 6 से 7 दिन बाद अपना प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए। क्योंकि, इस दौरान शरीर में एच सी जी हार्मोन का स्तर काफी ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे प्रेगनेंसी का पता अच्छे तरीके से चल जाता है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और नियमित डॉक्टर की स्लाज लेनी चाहिए। घर बैठकर आप अपना प्रेगनेंसी टेस्ट कर सकती हैं। इस तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर आपको अपने स्तनों में दर्द, मतली या फिर उल्टी और शरीर में कमजोरी जैसे कई लक्षण महसूस हो सकते हैं। इसका पता चलते ही आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए और इस दौरान किसी भी तरह की दिक्कत महसूस होने पर आपको अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और गर्भावस्था से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही द गुड हेल्थ क्लिनिक फॉर वूमेन में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

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    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!

    प्रश्न 1. क्या ANA पॉजिटिव आने पर प्रेगनेंसी प्लान करते समय डॉक्टर की मौजूदगी हर वक्त महत्वपूर्ण होती है? 

    हम में से ज्यादातर लोग इस तरह की स्थिति से खुद ही निपटने की कोशिश करते हैं, जो सेहत और प्रेगनेंसी दोनों के लिए ठीक नहीं होता है। ऐसे में, यह बात बिलकुल सच है, कि ANA पॉजिटिव आने पर प्रेगनेंसी प्लान करते वक्त पूरी गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर की करीबी निगरानी और सलाह काफी ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जाती है। 

    प्रश्न 2. क्या ANA पॉजिटिव आना कोई बीमारी होती है? 

    दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि ANA पॉजिटिव आना सीधे तौर पर किसी भी तरह की कोई बीमारी नहीं होती है, बल्कि यह तो इस बात का संकेत होता है, कि आपकी इम्यून सिस्टम काफी ज्यादा सक्रिय है। हालांकि, इसका मतलब यह भी नहीं होता है, कि इसका कोई संकेत नहीं होता है, दरअसल यह ऑटोइम्यून बीमारियों का शुरूआती संकेत होता है। 

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    प्रश्न 3. महिलाओं में बच्चेदानी खराब होने का क्या-क्या संकेत हो सकते हैं? 

    दरअसल, महिलाओं में बच्चेदानी खराब होने के कई प्रकार के संकेत हो सकते हैं, जिसमें अनियमित पीरियड्स होना, काफी ज्यादा खून बहना, पीरियड्स के दौरान पेट में काफी तेज दर्द होना, पेट में या फिर कमर में काफी ज्यादा भारीपन महसूस होना, सेक्स के दौरान काफी तेज दर्द का अनुभव होना, बार-बार गर्भपात की समस्या होना, गर्भधारण करने में काफी ज्यादा परेशानी का सामना करना और लगातार थकान महसूस होना जैसे कई संकेत शामिल हो सकते हैं। अगर आपको इन में से किसी भी लक्षण का अनुभव लगातार हो रहा है, तो यह बच्चेदानी से जुड़ी किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। 

    प्रश्न 4. बच्चेदानी में गांठ होने पर महिलाओं को किन-किन दिक्क्तों का सामना करना पड़ता है?

    दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि बच्चेदानी में गांठ की समस्या होने पर महिला को कई तरह की दिक्क्तों का सामना करना पड़ता है, जिसमें काफी ज्यादा खून बहना, लंबे समय तक पीरियड्स मिस होना या फिर चलना, पेट या फिर पेल्विक क्षेत्र में दर्द होना, पेट में भारीपन महसूस होना, बार-बार पेशाब आना, कब्ज की समस्या होना, सेक्स के दौरान दर्द होना और गर्भधारण में काफी ज्यादा परेशानी होना शामिल है। दरअसल, यह नॉन-कैंसर वाली होती हैं, पर इसके लक्षण काफी ज्यादा परेशान कर देने वाले हो सकते हैं। ऐसे कई मामलों में ये गांठें बिना लक्षण के भी नजर आ सकती हैं,जो अक्सर नियमित जांच करने के बाद ही पता चलती हैं।