दरअसल, जब एक महिला पीसीओएस जैसी समस्या से पीड़ित होती है, तो ऐसे में उसको कई तरह की समस्यायों का सामना करना पड़ता है, जिसमें महिला के पीरियड्स अनियमित होना, मुंहासे होना, चेहरे पर अनचाहे बाल उगना, या फिर ओवरी में सिस्ट जैसी समस्याओं का नजर आना शामिल है। यह समस्या काफी परेशान कर देने वाली हो सकती है। पीसीओएस की समस्या के दौरान अनियमित पीरियड्स की समस्या को दूर करने के लिए डॉक्टरों द्वारा कुछ महिलाओं को गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करने की सलाह प्रदान की जाती है। वैसे तो, ज्यादातर महिलाएं अनचाहे गर्भ से बचने के लिए गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करती हैं, पर कई बार पीसीओएस में हार्मोन्स के संतुलन के लिए इन दवाओं का सेवन किया जाता है। अब इस में समस्या ये खड़ी होती है, कि इस तरह की स्थिति में कुछ महिलाएं बिना डॉक्ट सलाह लिए और जानकारी के गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करना शुरू कर देती हैं, जो न केवल उनकी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकती है, बल्कि इससे स्थिति और भी ज्यादा खराब हो सकती है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के समस्या के दौरान किसी भी तरह की दवा का सेवन न करें, यह सेहत के लिए भारी पड़ सकता है। आम तौर पर, इसमें किसी भी तरह का कोई शक नहीं है, कि गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करने से ओवरी के हार्मोन को कंट्रोल करने में काफी ज्यादा सहायता प्राप्त होती है। पर, इनका सेवन केवल डॉक्टर की सलाह पर करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। ऐसे में, इस दवा का सेवन करने से कई फायदे भी प्राप्त हो सकते हैं और कई नुकसान भी हो सकते हैं, इसलिए डॉक्टर से पूरी जानकारी प्राप्त करना महत्वपूर्ण होता है।
दरअसल, डॉक्टर के अनुसार पीसीओएस में अनियमित पीरियड्स की समस्या को दूर करने के लिए कई बार गर्भनिरोधक दवा का सेवन किया जा सकता है। आम तौर पर, ऐसे में गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन केवल डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए। महिलाओं की स्थिति पर निर्भर करता है, कि इस दवा का सेवन कब तक किया जाना है। पीसीओएस में गर्भनिरोधक दवा का सेवन करने से कई फायदे प्राप्त हो सकते हैं, जिसमें हार्मोनल एक्ने कम होना, पीसीओएस में हेयर फॉल का कम होना और टेस्टोस्टेरोन के लेवल को कम करना जैसे कई फायदे शामिल हो सकते हैं।
व्ही इसके कई नुकसान भी हो सकते हैं, जिस में इसके सेवन से कुछ महिलाओं को मतली होना, ब्लड क्लॉटिंग की समस्या होना, हाई बीपी की समस्या होना, महिलाओं में चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग्स और उदासी जैसे लक्षण नजर आना, लिबिडो चेंज यानी कि यौन इच्छा में कमी होना और हल्का रक्तस्राव या स्पॉटिंग की समस्या होना शामिल है। पर, महिला की स्थिति एक जैसी नहीं होती है और हर मामले में ऐसा नहीं होता है। इसलिए, पीसीओएस की समस्या के दौरान गर्भनिरोधक दवाओं को लेने से पहले कुछ चीजों की अच्छे से जांच की जाती है, जिसमें महिला की उम्र, वजन, डायबिटीज, बीपी और अन्य कुछ चीजें शामिल हो सकती हैं। समस्या गंभीर होने पर आप अपने डॉक्टर से भी मिल सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में और जानते हैं।
क्या गर्भनिरोधक दवाओं से पीसीओएस का इलाज हो सकता है?
दरअसल नहीं, गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करने से केवल इस समस्या के लक्षणों में सुधार आ सकता है, समस्या का पूरी तरह इलाज नहीं हो सकता है। इससे केवल पीसीओएस में अनियमित पीरियड्स, असंतुलित हार्मोनल, एक्ने या फिर बाल झड़ने कि समस्या को ठीक किया जा सकता है।
ऐसे में कब कब डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण होता है?
दरअसल, ऐसे में अगर आपको पता चलता है, कि आपको पीसीओएस है, तो इसके इलाज के लिए आपको अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए। ऐसे में, अगर आप गर्भधारण करने के बारे में सोच रही हैं और आपको पीसीओएस है, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह प्राप्त करें। इस तरह की समस्या में अगर आप गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन कर रही हैं, तो डॉक्टर की सलाह लें और गर्भधारण कब करना चाहिए और इन दवाओं को कब बंद करना चाहिए इसके बारे में जानकारी लें। ऐसे में अगर आपका वजन और बीपी बढ़ता है, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इस तरह की स्थिति में मूड में बदलाव, डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन या फिर अकेलापन महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
निष्कर्ष: पीसीओएस एक आम समस्या है, जो ज्यादातर महिलाओं में देखी जाती है। यह समस्या महिला की सेहत को बुरी तरीके से प्रभावित करके रख देती है और तो और इस समस्या के कारण महिलाओं को गर्भधारण करने में कई दिक्क्तों का सामना करना पड़ता है, इसलिए समय रहते इस समस्या की पहचान कर तुरंत इलाज करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इस लेख की जानकारी से यह स्पष्ट होता है, कि गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन केवल पीसीओएस के लक्षणों को कंट्रोल कर सकता है, पर इन दवाओं से पीसीओएस का पूरा इलाज नहीं हो सकता है। इस समस्या को पूरी तरह से ठीक करने के लिए दवा के साथ साथ अपने लाइफस्टाइल में महत्वपूर्ण बदलाव करना, सेहतमंद और एक अच्छे खाने का सेवन करना और शरीर में हार्मोनल के संतुलन को बनाए रखना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इस तरह की स्थिति में, बिना डॉक्टर की सलाह के गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन बिल्कुल भी न करें। इससे शारीरिक समस्याएं और भी जयादा बढ़ सकती हैं। इसलिए, इस तरह की स्थिति में अपने खाने पीने की तरफ ध्यान देना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। समस्या गंभीर होने पर या फिर समस्या के दौरान किन दवाओं का सेवन करना है, इसके बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए आप तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और गर्भावस्था से जुड़ी किसी भी समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही द गुड हेल्थ क्लिनिक फॉर वूमेन के विशेषज्ञों से मिल सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!
प्रश्न 1 क्या गर्भावस्था के दौरान समस्या होने पर किसी भी दवा का सेवन करना थी रहता है?
दरअसल, नहीं गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह की समस्या होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा का सेवन करना बिलकुल भी सुरक्षित नहीं माना जाता है। इससे या तो किसी समस्या का निर्माण हो सकता है या फिर समस्या में सेहत के लिए और मुश्किलों मुश्किलों को पैदा कर सकता है। इसलिए, इस तरह की स्थिति में कोशिश करें, कि बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा का सेवन न करें।
प्रश्न 2. क्या पीसीओएस के इलाज के लिए गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करना काफी होता है?
दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि विशेष तौर पर पीसीओएस के इलाज के लिए केवल गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करना पर्याप्त नहीं होता है। केवल इस दवा से पीसीओएस जैसी गंभीर समस्या का इलाज नहीं हो सकता है। आम तौर पर, इस दवा से केवल इस समस्या के लक्षणों को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। दरअसल, पुरे तरीके से पीसीओएस जैसी समस्या का इलाज करने के लिए आपको अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करने, सही और सेहतमंद भोजन का सेवन करने और अपने शरीर में हार्मोन को संतुलित करने जैसे तरीकों पर काफी ज्यादा जोर दिया जाता है।
प्रश्न 3. गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन पीसीओएस जैसी समस्या में कब तक किया जा सकता है?
दरअसल, वैसे तो पीसीओएस में गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन महिला की वास्तविक स्थिति पर निर्भर करता है। पर, फिर भी पीसीओएस में गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन तीन से छह महीने या फिर इस से कम समय तक के लिए भी किया जा सकता है |